पर्यावरण सुरक्षा अभियान / वृक्षारोपण
पर्यावरण सुरक्षा अभियान / वृक्षारोपण
युवा सेवा संघ के सदस्य सामूहिक रूप से तथा व्यक्तिगत रूप से अपने घर के आस-पास, सड़क के किनारे तथा अन्य आवश्यक जगहों पर वृक्षारोपण सेवा करते हैं। पूज्य बापूजी ने अपने सत्संग में कई बार पीपल व तुलसी के महत्त्वपूर्ण गुणों की खूब महिमा बतायी है, साथ ही नीलगिरी (सफेदा) के पेड़ के नुकसान भी बताये हैं। युवा संघ के युवान इस सेवा के माध्यम से पूज्यश्री का यह मौलिक संदेश जनसमाज में पहुँचाकर उसे लाभदायक वृक्षों के प्रति जागरूक करते हैं। वृक्षारोपण में विशेषतः तुलसी, पीपल, नीम, ऑंवला, बड़, आम आदि पौधों का उपयोग किया जाता है।

केवल वृक्षारोपण ही मात्र पर्यावरण की रक्षा नहीं है। और भी बहुत-सी ऐसी चीजें हैं जिनका पर्यावरण रक्षा के निमित्त ध्यान रखा जाना अत्यंत आवश्यक है। जैसे- युवा सेवा संघ, प्रयागराज के युवानों ने गंगाजी के घाट की सफाई करके अनजाने में ही तीर्थयात्रियों का शुभाशीष भी पा लिया और पर्यावरण रक्षा का उद्देश्य भी सफल कर लिया।

समय-समय पर भगवन्नाम-कीर्तन के माध्यम से वातावरण में फैले विचार-प्रदुषण को भी शुध्द एवं पवित्र करने का शुभकार्य ये युवान कर देते हैं। कभी किसी बस्ती में सफाई अभियान चलाया जाता है और साथ ही वहाँ के अनपढ़, अशिष्ट समाज को सुसंस्कार व सामाजिक नियमों की शिक्षा भी दी जाती है।

जल-प्रदुषण, ध्वनि-प्रदुषण, वायु-प्रदुषण तथा और भी बहुत-सी ऐसी चीजें हैं जिनके लिए समय-समय पर विभिन्न अभियान चलाये जाते हैं।
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