कैदी उत्थान कार्यक्रम
कैदी उत्थान कार्यक्रम

संत श्री आशारामजी आश्रम एवं आश्रम के साधकों द्वारा देश के कई जेलों में समय-समय पर 'कैदी उत्थान कार्यक्रमों' का आयोजन होता रहता है। पूज्य बापूजी के सत्संग से तो कई कैदी सुधर गये हैं । कोई भी व्यक्ति मूल में गलत नहीं होता, अगर सही मार्गदर्शन मिले तो हर व्यक्ति महान बन सकता है । सत्संग की आवश्यकता तो हर किसीको है । भगवान भी धरती पर आते हैं तो सत्संग में अवश्य जाते हैं। जेल में कोई भी कैदी ना किसी विशेष भोजन का आग्रह कर सकता है और ना किसी विशेष कपड़े का... न इधर-उधर घुमने जाना, न इससे-उससे मिलना और न किसी चीज की आसक्ति करना । इसलिए जेल एक तपस्या-स्थली है । भाव बदलने से कर्म भी बदलते हैं । 

 

बिगड़ी जनम अनेक की सुधरे अब और आजु।

 

युवा संघ के युवान जब भी किसी जेल में कार्यक्रम आयोजित करते हैं तो कैदियों को यही सिध्दांत समझाते हैं। जिससे जेल की कष्टदायक परिस्थितियों में भी वे संतोष का अनुभव कर सकें तथा पूज्यश्री के सत्संग के माध्यम से अपने जीवन को दिव्यता की ओर बढ़ा सकें।

 

जेल में कैदियों को भगवन्नाम कीर्तन भी कराया जाता है, उच्च विचारधारा का निर्माण करनेवाले सत्साहित्य भी बाँटे जाते हैं और साथ ही सिखाये जाते हैं कुछ स्वास्थ्यप्रद योगासन भी। जब भी यह कार्यक्रम संपन्न होता है, कैदियों के चेहरे पर एक अनोखी मुस्कान छा जाती है और मानो वे मन-ही-मन धन्यवाद देते रहते हैं।

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